भाई ने बहन को चोदा

घूमने के बाद हम दोनों रात को दस बजे घर आए … रात का खाना आदि भी बाहर ही खा लिया था.

कमरे में आकर मैं बेड पर लेट गई. चूंकि बिस्तर तो कोई दूसरा था ही नहीं और हम दोनों भाई बहन थे, तो मेरा भाई भी मेरे साथ में लेट गया.

भाई और मेरे बीच बहुत ज्यादा खुलापन नहीं था. इसलिए वो भी चुपचाप लेटा था और मैं भी चुप थी.

थोड़ी देर में भाई बोला- मुझे तो नींद आ रही है … मैं सो रहा हूँ.
वो ये बोलकर सो गया.

पर मुझको नींद नहीं आ रही थी.

जब भाई सो गया तो मैंने उसका फोन उठा लिया और देखने लगी. मैंने जैसे ही फोन ऑन किया, तो देखा कि उसके फोन में भाई बहन की एक सेक्स कहानी खुली हुई थी. उसे देख कर मेरा दिमाग घूम गया. चूंकि ये सेक्स कहानी अन्तर्वासना की चुदाई की कहानी थी, इसलिए मुझे पढ़ने में मजा आ रहा था. मैंने यह पूरी इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ ली.

सेक्स कहानी पढ़ने से मेरे मन में चुदाई की मस्ती चढ़ने लगी. मैंने भाई की ओर देखा, वो सो रहा था. मेरा एक हाथ मेरी चुत पर था. मेरे दिमाग में और भी चुदास चढ़ने लगी. मैं भाई के लंड को बड़ी गौर से देख रही थी.

जब मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने धीरे से अपने भाई के ऊपर मेरा एक पैर रख दिया और सोने का नाटक करने लगी.

कुछ देर तक जब भाई की तरफ से कोई हरकत नहीं हुई, तो मैंने अपना एक हाथ उसके पेट पर रख दिया. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

अब भी भाई गहरी नींद में सोया हुआ लग रहा था. तो मैंने धीरे से अपने एक हाथ को बढ़ाया और भाई के लंड पर रख दिया. मुझे उसके लंड पर हाथ रखते ही थोड़ा सा कुछ महसूस हुआ. अब मेरी सांसें गर्म हो रही थीं.

मैं नींद का ड्रामा करते धीरे से बोली- आआआं …
इससे भाई थोड़ा सा हिला.
उसके हिलने से मेरी तो बिना लंड लिए फट गई. हालांकि उस रात कुछ नहीं हुआ.

अगले दिन जब मैं सुबह सो रही थी, तो उस समय भाई नहाने गया था. मैंने धीरे से आंखें खोल कर देखा, तो वो बाथरूम से केवल एक अंडरवियर में बाहर आ गया था. मैं सोने का नाटक करते हुए उसे देखने लगी.

मेरे भाई मेरे साइड में अंडरवियर में ही लेट गया … और उसने मेरे माथे पर किस किया.

मैंने आंखें बंद रखी हुई थीं. भाई ने मेरा एक हाथ उठा कर अपने लंड पर रख लिया … और मुझसे करीब होकर लेट गया. मैंने महसूस किया कि भाई का लंड खड़ा हो रहा था. कुछ पल बाद भाई ने मेरा हाथ हटा कर अपना अंडरवियर भी उतार दिया. अब वो एकदम नंगा था. मैं थोड़ी सी डर गई थी.

वो मेरे पास लेटे हुए ही मुठ मारने लगा.

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