भाई ने बहन को चोदा

लंड हिलाते समय मैंने उसके लंड का विकराल रूप देखा, तो मेरी धड़कनें बढ़ गई थीं. शायद उसने यह महसूस कर लिया कि मैं जागी हुई हूँ क्योंकि मेरी सांस तेज हो गयी थी.

वो एकदम से रुककर मेरे कान के पास आ गया और धीरे से बोला- सोनिया तेरी बड़ी मस्त गांड है … एक बार अन्दर डालने दे न यार प्लीज़!
मैंने कोई जबाव नहीं दिया.

वो फिर से मुठ मारने में लग गया. मैं दम साधे उसके लंड को देखते हुए सोने का नाटक कर रही थी.

फिर पांच मिनट लंड हिलाने के बाद वो अपना लंड हाथ में लिए बाथरूम में चला गया और उधर से शायद लंड का रस निकाल कर कोई दो मिनट बाद वापस आ गया.

बाथरूम से आने के बाद वो मुझको उठाने लगा. मैं उठी और बाथरूम में घुस गई.

जब मैं नहाकर बाहर आई, तो भाई बोला- ब्रेकफास्ट कर लो. मैंने बना लिया है.
मैंने कहा- ओके.

उसके बाद भाई ने बोला- पापा की कॉल आई थी, तो मैंने उनको कल आने के लिए कह दिया है. हम दोनों आज घर नहीं जाएंगे. तुमको कोई दिक्कत तो नहीं है.
मैंने हंस कर कहा- नहीं.

फिर वो अपनी क्लास के लिए निकल गया. उसके जाने के बाद मैंने अन्तर्वासना की साईट खोली और भाई बहन की चुदाई की कहानी खोल कर पढ़ने लगी. मुझे इस वक्त बड़ी वासना चढ़ी हुई थी. मैंने चुत में उंगली की और खुद को शांत करने के बाद लेट गई. कुछ देर बाद खाना बनाया और थोड़ा सा खा कर फिर से लेट गई.

शाम को पांच बजे भाई वापस आ गया. हम दोनों ने साथ में खाना खाया. इसी दौरान हम दोनों बातें करने लगे. वो मेरी पढ़ाई के बारे में पूछने लगा.
मैंने उससे पूछा- भाई, भाभी से तो मिला दो.

उसने मेरी तरफ सवालिया निगाहों से देखा, तो मैंने आंख दबाते हुए उससे उसकी जीएफ के लिए कहा.
वो मेरी तरफ देख कर बोला- पिटेगी क्या … कोई नहीं है मेरी.

उसका रुख देख कर मैंने टॉपिक चेंज कर दिया.

कुछ देर बाद मैं बेड पर लेट गई. लेटे लेटे ही मैं सो गई.

कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरे मम्मों को कुछ हो रहा है. मैंने बिना जागे हल्के से आंख खोल कर देखा, तो भाई ने मेरे मम्मों को दबाना शुरू कर दिया था.

अब मेरी नींद पूरी तरह से टूट गई, पर मैंने आंखें नहीं खोलीं. वो मेरे मम्मों को बड़ी मस्ती से दबाए जा रहा था. मुझको मज़ा आ रहा था, सो मैंने भी उसे नहीं रोका.

फिर वो बिस्तर से उठ गया. मैंने दम साधे लेटी रही. तभी मुझे बाथरूम के दरवाजे के खुलने की आवाज़ आई.

आवाज आने के बाद मैंने हल्के से आंख खोल कर देखा कि वो बाथरूम में घुस गया था. कुछ पल बाद वो एकदम से बाथरूम में निकल कर आया, तो मैंने देखा कि वो पूरा नंगा था.

मेरी आंखों के सामने उसका आठ इंच लंबा लंड लोहे जैसा खड़ा था. मैंने एकदम से आंखें बंद कर लीं, ये शायद भाई ने देख लिया था.

भाई मेरे पास आकर लेट गया और उसने मेरे ऊपर अपना एक पैर रख दिया. दूसरे ही पल उसने बेख़ौफ़ मेरा एक हाथ अपने लंड पर रखवा लिया. मैंने महसूस किया कि भाई का लंड एकदम टाइट और मोटा था.

मैंने उसका लंड पकड़ लिया, तो उसने मेरी तरफ देखा और मुस्करा दिया.
मैं भी हंस दी और खड़ी हो गई.

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