भाई ने बहन को चोदा

भाई ने मुझको खींच कर अपनी बांहों में ले लिया और पागलों के जैसे किस करने लगा. मैं भी उसका साथ दे रही थी. भाई मेरे मम्मों को दबा रहा था. देखते ही देखते भाई ने अपनी बहन को नंगी कर दिया.
वो बोला- तुम बहुत सेक्सी हो. प्लीज़ लंड चूसो न.

उसने मुझसे अपना लंड मुँह में लेने के लिए बोला, तो मैंने सर हिला कर मना कर दिया. उसने कुछ नहीं कहा.

फिर मैंने उसकी तरफ देखा और बिस्तर पर चित लेट गई. वो मेरी चुत को चूसने लगा. मैं पागल हो गई थी. मेरी चुदास बढ़ने लगी थी. मेरी सिस्कारियां निकलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह…

इसी फ़ोरप्ले में पता ही नहीं चला कि कब उसने अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया. मैं भी उसके मोटे लंड को मज़े से चूसने लगी थी.

कुछ देर बाद मैं बोली- भाई अन्दर घुसा दो … अब रहा नहीं जा रहा है.

भाई मेरे ऊपर आया और मेरी चुत पर थोड़ा थूक कर चिकना किया. फिर लंड को मेरी चुत की फांकों में लगा कर हल्का सा घिसने लगा. मैंने गांड उठाई, तो उसने लंड अन्दर पेल दिया.

उसका मोटा लंड चुत में घुसा, तो मैं चिल्लाने लगी.

भाई ने मेरे मुँह पर हाथ रखा और हल्का सा और अन्दर पेला.

मैं- आआ आआआं मर गई. निकाल लो भाई … नहीं प्लीज़ आआआं … बहुत दर्द हो रहा है. प्लीज़ निकाल लो प्लीज़ …
भाई ने लंड नहीं निकाला और मुझको किस करने लगा.

मैं उसके किस से कुछ दर्द भूलने लगा. उसी समय किस करते करते उसने एक ज़ोर का शॉट लगा दिया. इस बार उसका आधा लंड मेरी चुत में घुस गया था.

अब मैं एकदम से बेदम हो गई थी. मेरे हाथ पैरों ने काम करना करना बंद कर दिया था और मेरी चुत से खून आने लगा … आंखों से आंसू बहने लगे थे.

वो मेरी इस हालत को देख कर थोड़ा रुका. मुझे चूमने और सहलाने लगा. मैं थोड़ी सामान्य हुई, तो उसने फिर से एक ज़ोर का शॉट मार कर पूरा लंड अन्दर पेल दिया.

मेरी चुत फट गई थी. मुझे असहनीय दर्द हो रहा था. मैंने उसे बहुत रोका, मगर भाई ने मेरी एक ना सुनी. थोड़ी देर रुक कर वो धीरे धीरे शॉट मारने लगा.

जब मेरा दर्द कम हुआ, तो उसने स्पीड बढ़ा दी.

‘आआ आआआं आआआं याया उउम्म्म्म … आह..’

भाई ने मेरे कान में पूछा- मजा आ रहा है?
मैं हंस दी और उसे चूम कर कहने लगी- आंह … तुम बड़े बेदर्दी हो भाई … पर अब मजा आने लगा है.
उसने पूछा- बहना … फुल स्पीड में चोदूँ?
मैंने कहा- हाँ भाई चोदो!

उसने मेरी चुत में मानो पिस्टन चला दिया हो. मेरी चुत ने रस छोड़ दिया, जिससे चुत को लंड का मजा मिलना शुरू हो गया. मेरी सेक्सी चुदाई होने लगी.

‘आआह आआआं भाई क्या मस्त लंड है … मजा आ रहा है.’ अब तो मैं मस्ती में न जाने क्या क्या बोले जा रही थी, मुझे खुद भी कुछ पता नहीं था.

थोड़ी देर में भाई ने मेरी चुत में सारा रस छोड़ दिया और मेरे ऊपर ही लेट गया.

थोड़ी देर में हम ऐसे ही पड़े रहे. उसके बाद भाई मेरे बाजू में हो गया. मैंने उठने की कोशिश की, तो मुझसे हुआ ही नहीं. मेरे से खड़ा ही ना हो पाया.

भाई ने मुझे गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया. उधर उसने मेरी चुत साफ की. मेरी चुत साफ़ करते करते उसने मेरी चुत में उंगली करना शुरू कर दी.

मुझे फिर से मज़ा आने लगा. हम दोनों फिर से एक बार चुदाई का मजा लेने लगे.

उस दिन में अपने सगे भाई से चार बार चुदी. भाई ने मुझे चोदकर मेरी हालत खराब कर दी थी. चुदाई के बाद हम दोनों थकान के नशे में कब सो गए, पता ही ना लगा.

अगले दिन में घर वापस आ गई.

इसके बाद मैं तीन महीने तक नहीं चुदी. इस वजह से मेरी चुत अब लंड लंड करने लगी थी. भाई से फोन सेक्स करके बस हस्तमैथुन करके खुद को शांत कर लेते थी.

थोड़े दिन में मैं एग्जाम के लिए फिर से दिल्ली गई, तो मैंने भाई के साथ खूब मज़े किए. इस तरह बड़े भाई ने छोटी बहन को चोदा.

मैं इस बार उसके एक दोस्त से कैसे चुदी और उसके बाद मेरे तीन ब्वॉयफ्रेंड ने मुझे कैसे पेला, साथ ही मैं अपने सगे चाचा से कैसे चुद गई … ये सब मैं आपको अगली सेक्स कहानी में लिखूंगी.

अब तो मैं पूरी रंडी बन गई हूँ. मैंने अपनी सहेलियों को भी अपने भाई से चुदवाया. उसके दोस्तों ने भी भाई के साथ मुझको चोदा.

दोस्तों मैं ढेर सारा प्यार लेकर जल्दी ही आपसे मिलूंगी.

आप मेरी इस हिंदी सेक्सी चुदाई कहानी पर मस्त मस्त कमेंट और मुझे मेल करना ना भूलना.

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https://youtu.be/dAF95ocQ1Qg

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